राम मंदिर दान मामले में SIT जांच शुरू: अयोध्या पहुंची टीम ने मंदिर परिसर में पूछताछ की

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यूपी: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे (दान) की राशि में कथित गबन के आरोपों पर उत्तर प्रदेश सरकार की तीन सदस्यीय SIT (विशेष जांच दल) ने सोमवार 15 जून 2026 को मंदिर परिसर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। टीम ने गेट नंबर 11 से प्रवेश कर दस्तावेजों की जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ की।

पूरा मामला क्या है?

आरोप: मंदिर के दान पात्रों से लगभग 7 करोड़ रुपये (कुछ रिपोर्टों में 7.5 करोड़) की राशि गायब या अकाउंट में न पहुंचने का आरोप। विपक्षी नेताओं (जैसे अखिलेश यादव) ने इसे बड़ा घोटाला बताया।

ट्रस्ट का रुख: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने निष्पक्ष जांच की मांग की और सीएम योगी आदित्यनाथ से SIT गठन का अनुरोध किया। ट्रस्ट का कहना है कि नियमित ऑडिट होते हैं और अफवाहों से मंदिर की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है।

SIT का गठन: 13 जून 2026 को गठित तीन सदस्यीय SIT में लखनऊ डिवीजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS), IG किरण एस (IPS) और फाइनेंस विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी नील रतन शामिल हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट 7 दिनों में और अंतिम रिपोर्ट 15 दिनों में जमा करनी है।

अब तक की कार्रवाई…

SOG की छापेमारी: दान गिनने वाले कर्मचारी लव कुश मिश्रा (रुदौली) को हिरासत में लिया गया। उनके घर से 10 लाख रुपये नकद बरामद (अलमारी और गोबर के ढेर में छिपा)। कुछ रिपोर्टों में कुल 2-3 करोड़ रुपये, कार और iPhone भी बरामद।

लगभग 50 कर्मचारियों की जांच हो रही है, जिनकी सैलरी 18-20 हजार रुपये मासिक है लेकिन अचानक संपत्ति बढ़ी। CCTV फुटेज डिलीट होने के आरोप भी हैं।

विपक्ष ने FIR और CBI जांच की मांग की है, जबकि भाजपा और ट्रस्ट निष्पक्ष जांच पर भरोसा जताते हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर हुई है।

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