नई दिल्ली, 13 जून 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा 2026 की सुरक्षा और तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीएपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को यात्रा मार्ग पर अभेद्य मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा ग्रिड स्थापित करने के सख्त निर्देश दिए।
मुख्य सुरक्षा व्यवस्थाएं…
मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा ग्रिड: पहलगाम और बालटाल दोनों पारंपरिक मार्गों पर बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरा। ड्रोन, सीसीटीवी, एडवांस्ड सर्विलांस और रियल-टाइम मॉनिटरिंग का पूरा उपयोग।
QR कोड आधारित पहचान: यात्रा से जुड़े सभी स्थानीय लोगों, गाइडों, पालकी वालों और पशुओं (घोड़े, खच्चर आदि) का अनिवार्य पंजीकरण। उन्हें QR कोड युक्त आईडी जारी की जाएगी। पशुओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती: शिविरों और महत्वपूर्ण स्थानों पर सीएपीएफ व जम्मू-कश्मीर पुलिस के सीनियर अधिकारी लगातार निगरानी करेंगे।
मौसम और आपदा प्रबंधन: मौसम के हिसाब से श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रित रखी जाएगी। स्वास्थ्य सुविधाएं, आपातकालीन व्यवस्था और समन्वय को मजबूत किया जाएगा।
पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा: अमरनाथ मार्ग के साथ-साथ आसपास के पर्यटक स्थलों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा।
यात्रा की तिथियां...
श्री अमरनाथ जी यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगी (57 दिन)। इस बार लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।












