भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में ठहरने को लेकर महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि भारत में रहना उनका “निजी फैसला” है और यह उस स्थिति से जुड़ा है जिसके चलते वे पिछले वर्ष देश छोड़कर भारत आई थीं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत किसी भी देश के आंतरिक मामलों में अनावश्यक दखलंदाजी नहीं करता और न ही व्यक्तिगत राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करना उचित समझता है। जयशंकर के अनुसार शेख हसीना भारत में कैसे और कितने समय तक रहेंगी, यह पूरी तरह उनका व्यक्तिगत निर्णय है, और भारत इस मामले में मानवीय और कूटनीतिक संतुलन बनाए हुए है।
उधर, बांग्लादेश सरकार ने हाल ही में अपनी पूर्व प्रधानमंत्री के प्रत्यर्पण की औपचारिक मांग भारत को भेजी है। इस अनुरोध की पुष्टि भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा की गई है और इसे कानूनी प्रक्रियाओं एवं द्विपक्षीय समझौतों के आधार पर गहनता से जांचा जा रहा है। जयशंकर ने स्पष्ट कहा कि भारत किसी भी प्रत्यर्पण प्रक्रिया में निर्धारित अंतरराष्ट्रीय नियमों, कानूनी दस्तावेजों और मानवाधिकार संबंधी पहलुओं को प्राथमिकता देता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत-बांग्लादेश संबंध परिपक्वता, पारदर्शिता और पारस्परिक सम्मान पर आधारित हैं और इन रिश्तों को राजनीतिक परिस्थितियों से परे रखकर देखा जाना चाहिए।
बांग्लादेश में वर्ष 2024 में व्यापक राजनीतिक उथल-पुथल और हिंसक प्रदर्शनों के दौरान शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। उस समय बढ़ते विरोध और उनके खिलाफ अदालतों में चल रहे मामलों के कारण वे भारत आई थीं। हाल ही में ढाका के एक विशेष न्यायाधिकरण ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में दोषी करार देते हुए मृत्युदंड सुनाया, जिसके बाद उनकी कानूनी स्थिति और भी जटिल हो गई है। इस परिस्थिति में उनके प्रत्यर्पण को लेकर अंतरराष्ट्रीय कानून, द्विपक्षीय संधियाँ और मानवीय पहलू भी प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जयशंकर का यह बयान भारत की पारंपरिक कूटनीति का उदाहरण है, जिसमें किसी भी तात्कालिक राजनीतिक निर्णय की बजाय संतुलित, कानूनी और मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाया जाता है। भारत के लिए यह मामला राजनीतिक नहीं बल्कि संवेदनशील कानूनी और कूटनीतिक आयामों वाला विषय है। आगे की प्रक्रिया में दोनों देशों के संबंध, क्षेत्रीय स्थिरता और न्यायिक मूल्यांकन निर्णायक होंगे।













