नई दिल्ली, 11 जुलाई 2026 — भारत की सबसे बड़ी तेल खोज कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) ने अपने बोर्ड की बैठक में 1.75 मिलियन मीट्रिक टन (लगभग 13 मिलियन बैरल) क्षमता वाले नेशनल स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (Strategic Petroleum Reserve – SPR) बनाने की योजना को इन-प्रिंसीपल मंजूरी दे दी है। यह सुविधा मंगलुरु (मैंगलोर), कर्नाटक में विकसित की जाएगी।
मुख्य बिंदु
- प्रोजेक्ट का स्वरूप: यह मौजूदा मंगलुरु SPR का Phase-I एक्सपैंशन होगा। इसमें अंडरग्राउंड कैवर्न और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। ONGC ने इसे “नेशनल इंटरेस्ट” का प्रोजेक्ट बताया है।
- उद्देश्य: भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है। 88% से ज्यादा कच्चा तेल आयात पर निर्भर है। भू-राजनीतिक तनाव (जैसे मध्य पूर्व संकट) और आपूर्ति व्यवधानों से निपटने के लिए SPR क्षमता बढ़ाना जरूरी है।
- कमर्शियल यूज: ONGC केंद्र सरकार से चर्चा करेगी ताकि सुविधा का कुछ हिस्सा कमर्शियल उपयोग के लिए भी दिया जा सके (जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल के साथ)। इससे रेवेन्यू जेनरेशन में मदद मिलेगी।
- लागत और टाइमलाइन: ONGC ने लागत या समय-सीमा की डिटेल्स अभी सार्वजनिक नहीं की हैं। सरकार ने पहले ही $1.6 बिलियन निवेश का अनुमान लगाया था।
भारत की SPR क्षमता का संदर्भ
भारत के पास वर्तमान में Visakhapatnam, Mangaluru और Padur में कुल 5.33 MMT क्षमता के अंडरग्राउंड कैवर्न हैं (लगभग 9-10 दिनों की जरूरत पूरी करने लायक)। ONGC का यह प्रोजेक्ट क्षमता बढ़ाएगा। सरकार कुल 6.5 MMT अतिरिक्त SPR क्षमता जोड़ने की योजना पर काम कर रही है, जिसमें Odisha (Chandikhol) और अन्य जगहों पर नए प्रोजेक्ट शामिल हैं।
यह कदम हालिया ग्लोबल सप्लाई क्रंच, ईंधन मूल्य वृद्धि और महंगाई के बाद लिया गया है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।












