NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तारियों पर सनसनीखेज अपडेट: कोर्ट ने 10 आरोपियों की रिमांड 11 जुलाई तक बढ़ाई

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नई दिल्ली, 29 जून 2026: NEET-UG 2026 पेपर लीक घोटाले में CBI की जांच जारी है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आज 10 प्रमुख आरोपियों की न्यायिक हिरासत को 11 जुलाई तक बढ़ा दिया है। स्पेशल जज विजेता सिंह रावत ने CBI की अर्जी मंजूर करते हुए यह आदेश दिया।

घटनाक्रम और पूरी डिटेल्स

NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। पेपर लीक की गंभीर शिकायतों के बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। देशव्यापी विरोध के बाद मामले की CBI जांच शुरू हुई। 21 जून को री-एग्जाम कराया गया, जिसमें 20 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए।

CBI ने अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों के लोग शामिल हैं। मुख्य आरोपी के रूप में PV Kulkarni, Shivraj Motegaonkar, Manisha Havaldar आदि का नाम सामने आया है।

आज कोर्ट में क्या हुआ? 10 आरोपियों — यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, धनंजय लोखंडे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, मनीषा हवलदार और डॉ. मनोज शिरुरे — को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश किया गया। CBI ने आगे की पूछताछ और जांच के लिए हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

बाकी आरोपियों की स्थिति:

  • PV Kulkarni और Shivraj Raghunath Motegaonkar की न्यायिक हिरासत 8 जुलाई तक है।
  • मनीषा गुरुनाथ मंधारे की हिरासत 30 जून तक।

CBI की जांच

CBI ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी, सबूत नष्ट करने और Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जांच में पेपर लीक का मल्टी-स्टेट नेटवर्क उजागर हुआ है, जिसमें कोचिंग संस्थान, शिक्षक और अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं।

छात्रों पर असर: इस घोटाले ने लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया। रद्दीकरण और री-एग्जाम के बावजूद छात्रों में आक्रोश और अविश्वास बना हुआ है।

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