नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ₹10 और ₹20 के पॉलीमर (प्लास्टिक) नोटों का फील्ड ट्रायल यानी पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने साफ किया कि कागजी मुद्रा को पूरी तरह बदलने की कोई योजना फिलहाल नहीं है।
आरबीआई ने अपनी केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश पर एक-एक अरब (100 करोड़) ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोट छापने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। ट्रायल सफल होने के बाद ही नियमित रूप से इन नोटों का जारी होना तय होगा।
क्या होंगे ये प्लास्टिक नोट?
पॉलीमर नोट पारंपरिक कॉटन-आधारित कागजी नोटों की जगह सिंथेटिक प्लास्टिक फिल्म (BOPP – Biaxially Oriented Polypropylene) पर छपे होते हैं। ये नोट:
- ज्यादा टिकाऊ होते हैं (कागजी नोटों से 2 से 6 गुना ज्यादा जीवनकाल)
- पानी, गंदगी और फटने से बेहतर बचाव करते हैं
- नकली नोट बनाने में मुश्किल पैदा करते हैं
- लंबे समय में छपाई और रिप्लेसमेंट का खर्च कम करते हैं
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके, सिंगापुर समेत 50-60 से ज्यादा देशों में पहले से पॉलीमर नोट चल रहे हैं।
क्यों चुने गए ₹10 और ₹20 के नोट?
ये दोनों डिनॉमिनेशन रोजमर्रा के लेन-देन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं और जल्दी खराब हो जाते हैं। कुल नोटों की संख्या में इनकी हिस्सेदारी लगभग एक-चौथाई है। इसलिए इन पर ट्रायल करना व्यावहारिक माना गया।
ट्रायल के दौरान ये प्लास्टिक नोट मौजूदा कागजी ₹10 और ₹20 नोटों के साथ ही चलेंगे। दोनों कानूनी मुद्रा रहेंगे। लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी।
पुराना प्लान फिर से जीवित
2012 में भी आरबीआई ने ₹10 के एक अरब पॉलीमर नोटों का ट्रायल पांच शहरों में करने का फैसला किया था, लेकिन वह लागू नहीं हो सका। अब करीब 14 साल बाद यह योजना फिर आगे बढ़ी है। आरबीआई की प्रिंटिंग सब्सिडियरी बीआरबीएनएमपीएल ने हाल ही में पॉलीमर सब्सट्रेट सप्लाई के लिए ग्लोबल टेंडर भी जारी किया था।
डिजिटल पेमेंट पर असर?
मंत्रालय ने कहा कि यह अभी प्रारंभिक चरण में है। डिजिटल पेमेंट और भौतिक मुद्रा एक-दूसरे के पूरक हैं। ट्रायल के बाद ही कोई असर आंका जा सकेगा।
सरकार और आरबीआई दोनों ने दोहराया है कि कागजी मुद्रा को पूरी तरह खत्म करने या बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। पॉलीमर नोट सिर्फ ट्रायल के लिए जारी होंगे और सफल होने पर ही आगे बढ़ाया जाएगा।










