नई दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने स्पाइसजेट एयरलाइंस पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। कंपनी के ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म (वेबसाइट और ऐप) पर डार्क पैटर्न्स का इस्तेमाल करने के आरोप में यह कार्रवाई हुई है।
डार्क पैटर्न्स क्या हैं और स्पाइसजेट पर क्या पाया गया?
डार्क पैटर्न्स वो डिजाइन ट्रिक्स हैं जो यूजर्स को गुमराह करके अनचाहे खर्च करवाती हैं। CCPA की जांच में स्पाइसजेट पर निम्नलिखित पाए गए:
Drip Pricing: शुरुआत में आकर्षक कम किराया दिखाना, लेकिन अंतिम स्टेप पर कन्वीनियंस फीस, प्लेटफॉर्म चार्ज या अन्य छिपे शुल्क जोड़ना।
Confirm Shaming: इंश्योरेंस या अतिरिक्त सेवाएं न चुनने पर “I will risk my trip” जैसे डराने वाले मैसेज दिखाना।
Forced Action / Interface Interference: स्किप ऑप्शन छिपाना या यूजर्स को बिना सहमति के अतिरिक्त चीजें कार्ट में डालना।
ये प्रैक्टिसेस उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 और 2023 की डार्क पैटर्न गाइडलाइंस का उल्लंघन हैं।
CCPA का आदेश
₹1 लाख जुर्माना तुरंत जमा करना होगा।
सभी डार्क पैटर्न्स को हटाकर यूजर इंटरफेस को पारदर्शी बनाना होगा।
उपभोक्ताओं को स्पष्ट सहमति के बिना कोई चार्ज नहीं लगाना होगा।
CCPA ने स्पाइसजेट को चेतावनी दी है कि भविष्य में दोबारा उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।
उपभोक्ताओं के लिए महत्व
यह मामला यात्रियों के हक में बड़ा कदम है। अब एयरलाइंस को बुकिंग के हर स्टेप पर सभी चार्जेस पहले से दिखाने पड़ेंगे।












