नई दिल्ली, 9 जुलाई 2026: भारत और म्यांमार के बीच 23वीं राष्ट्रीय स्तर की बैठक (National Level Meeting) 7-8 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में संपन्न हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने सीमा सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने, इंटेलिजेंस शेयरिंग बढ़ाने और सीमा पार अपराधों से निपटने पर व्यापक सहमति जताई। म्यांमार ने भारत को आश्वासन दिया कि उसकी भूमि का इस्तेमाल भारत की सुरक्षा के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्य बातें:
- बैठक का नेतृत्व: भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने किया, जबकि म्यांमार की ओर से डिप्टी होम मिनिस्टर मेजर जनरल मिन थू ने नेतृत्व किया।
- सुरक्षा सहयोग: दोनों पक्षों ने आतंकवाद, उग्रवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी, मानव तस्करी, वन्यजीव तस्करी, साइबर अपराध और अन्य संगठित अपराधों से निपटने के लिए इंटेलिजेंस शेयरिंग, ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन और क्षमता निर्माण को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
- सीमा स्थिति की समीक्षा: भारत-म्यांमार सीमा (लगभग 1643 किमी लंबी) पर मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। दोनों देशों ने शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
- आश्वासन: म्यांमार ने स्पष्ट किया कि अपनी संप्रभु भूमि का इस्तेमाल दूसरे देश की सुरक्षा के खिलाफ नहीं होने देगा।
- कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट: कालादान मल्टी-मोडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट और भारत-म्यांमार-थाईलैंड ट्राइलेटरल हाईवे जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर चर्चा हुई।
- नीतिगत संदर्भ: भारत ने म्यांमार को अपने Neighbourhood First, Act East और MAHASAGAR नीतियों में महत्वपूर्ण स्थान दिया।
दोनों पक्षों ने मौजूदा द्विपक्षीय तंत्रों, नियमित आदान-प्रदान, ट्रेनिंग प्रोग्राम्स और सहमत निर्णयों के क्रियान्वयन के माध्यम से निकट संपर्क बनाए रखने का फैसला किया। यह बैठक दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण संबंधों को और मजबूत करती है।












