नई दिल्ली, 8 जुलाई 2026: भारत ने रिटेल और FMCG सेक्टर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के मामले में विश्व स्तर पर नेतृत्व हासिल कर लिया है। TeamLease Digital की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 180 रिटेल GCC सेंटर्स संचालित हो रहे हैं, जो करीब 2,72,300 प्रोफेशनल्स को रोजगार दे रहे हैं। यह आंकड़ा भारत को पोलैंड, फिलीपींस, मेक्सिको, जर्मनी और मिस्र के संयुक्त रिटेल GCC वर्कफोर्स से 34 प्रतिशत बड़ा बनाता है।
मुख्य हाइलाइट्स
- AI में अग्रणी: भारत रिटेल GCCs में AI एडॉप्शन के मामले में सबसे आगे है, जहां वर्कफोर्स का 5-7 प्रतिशत AI टैलेंट है। AI पेनेट्रेशन 2022 के 2.1% से बढ़कर 2025 में 4.8% हो गया है और 2026 तक 7.2% पहुंचने की उम्मीद है।
- हायरिंग बूम: 2024-25 के बीच हायरिंग डिमांड लगभग दोगुनी हो गई, जिससे 2025 में 52,000 से ज्यादा जॉब्स क्रिएट हुईं। टेक्नोलॉजी, कस्टमर सक्सेस और सप्लाई चेन फंक्शंस वर्तमान में 60% वर्कफोर्स का हिस्सा हैं और 2028 तक 80% हायरिंग डिमांड के लिए जिम्मेदार होंगे।
- सिटी-वाइज डिस्ट्रीब्यूशन: बेंगलुरु सबसे बड़ा हब है (लगभग 84,000 प्रोफेशनल्स), इसके बाद दिल्ली NCR (66,000+) और हैदराबाद (45,000+)। AI टैलेंट का 54% बेंगलुरु में केंद्रित है।
- टैलेंट शॉर्टेज: पूरे 180 GCCs में सिर्फ 320 सीनियर AI प्रोफेशनल्स (8+ साल का एक्सपीरियंस) हैं — यानी औसतन हर सेंटर में 2 से भी कम। AI/ML स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स को 50-60% ज्यादा सैलरी मिल रही है (3-6 साल एक्सपीरियंस: ₹46 लाख मीडियन)।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 130 नैनो GCCs (200-250 कर्मचारियों वाले) हैं, जो बेंगलुरु, मुंबई, NCR, पुणे, हैदराबाद और कुछ टियर-2/3 शहरों जैसे मंगलुरु में फैले हुए हैं। 60-70% मौजूदा सेंटर्स अगले कुछ सालों में विस्तार करने वाले हैं।
प्रमुख कंपनियां
Lowe’s, Tesco, H&M, Walmart Global Tech, Target, L’Oréal और AB InBev जैसी बड़ी रिटेल और FMCG कंपनियां भारत में अपने GCCs चला रही हैं।
TeamLease Digital की CEO Neeti Sharma ने कहा, “भारत अब सिर्फ एक्जीक्यूशन का केंद्र नहीं, बल्कि AI-लेड रिटेल स्ट्रैटेजी बनाने और ओन करने का हब बन रहा है। लेकिन सीनियर AI टैलेंट की कमी और एक शहर में कंसंट्रेशन रिस्क है।”












