दिल्ली को मिलीं 300 नई इलेक्ट्रिक बसें, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी

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नई दिल्ली: दिल्ली सरकार स्वच्छ, सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने मंगलवार को दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में शामिल 300 नई जीरो एमिशन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर शामिल किया गया है। इनमें 195 ‘देवी’ श्रेणी की 9 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसें और 105 अत्याधुनिक 12 मीटर इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के उप-राज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह, श्री आशीष सूद, सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि आज जिन बसों को बेड़े में शामिल किया गया है, वे लो-फ्लोर, एसी बसें यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और दिव्यांगजन-अनुकूल यात्रा उपलब्ध कराएंगी। प्रत्येक बस में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग, पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम तथा अन्य आधुनिक सुरक्षा एवं स्मार्ट सुविधाएं उपलब्ध हैं। शून्य टेलपाइप उत्सर्जन वाली ये बसें दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और नागरिकों को शांत, आरामदायक और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा अनुभव प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इन नई बसों के शामिल होने के साथ दिल्ली का सार्वजनिक बस बेड़ा लगभग 6,600 बसों तक पहुंच गया है, जिनमें 4,845 इलेक्ट्रिक बसें और 1,755 सीएनजी बसें शामिल हैं। दिल्ली सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक लगभग 14,000 बसों का आधुनिक बेड़ा तैयार करना है।

तीन आधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो राजधानी को समर्पित

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मजबूत आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज नरेला सेक्टर ए-1 एवं ए-4, रिठाला और कोहाट एन्क्लेव में निर्मित अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी उद्घाटन किया गया। नरेला सेक्टर ए-1 और ए-4 इलेक्ट्रिक बस डिपो में 250 देवी इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग क्षमता उपलब्ध है। डिपो में आधुनिक पार्किंग बे, आंतरिक सड़कें, परिचालन एवं रखरखाव संबंधी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे दिल्ली की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को और अधिक मजबूती मिलेगी। इसी प्रकार कोहाट एन्क्लेव इलेक्ट्रिक बस डिपो में 30 इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग क्षमता के साथ प्रशासनिक भवन, सर्विस पिट, रिपेयर शॉप, वॉशिंग पिट, स्टोर, सुरक्षा कक्ष और विद्युत उपकेंद्र जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यह डिपो विशेष रूप से फीडर एवं लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। रिठाला इलेक्ट्रिक बस डिपो में 90 इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग क्षमता उपलब्ध है। आधुनिक रखरखाव सुविधाओं से सुसज्जित यह डिपो दिल्ली में इलेक्ट्रिक बस संचालन की दक्षता और विश्वसनीयता को नई मजबूती प्रदान करेगा।

नंद नगरी में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का लोकार्पण…

इस अवसर पर सड़क सुरक्षा को वैज्ञानिक एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में नंद नगरी डीटीसी डिपो में विकसित अत्याधुनिक चार लेन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का भी लोकार्पण किया गया। इस केंद्र में भारी, हल्के एवं दोपहिया वाहनों की पूर्णतः स्वचालित फिटनेस जांच की जाएगी। यहां प्रतिवर्ष 52,000 भारी एवं हल्के वाहन और 20,000 दोपहिया वाहनों की फिटनेस जांच की क्षमता विकसित की गई है। इस केंद्र में ब्रेक, सस्पेंशन, हेडलाइट अलाइनमेंट, साइड स्लिप, उत्सर्जन स्तर और अंडरबॉडी निरीक्षण जैसी सभी जांचें आधुनिक तकनीक से बिना मानवीय हस्तक्षेप के की जाएंगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, सड़क सुरक्षा मजबूत होगी और डीटीसी को प्रतिवर्ष नॉन फेयर रेवन्यू भी प्राप्त होगा।

नरेला हाई सिक्योरिटी जेल का ई-शिलान्यास…

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नरेला स्थित अत्याधुनिक हाई सिक्योरिटी जेल का भी ई-शिलान्यास किया गया। यह परियोजना देश की सबसे आधुनिक एवं प्रौद्योगिकी आधारित उच्च सुरक्षा जेलों में शामिल होगी, जो राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। इस परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये का वित्तपोषण भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा और शेष राशि दिल्ली सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। इस परिसर में विशेष रूप से 250 से अधिक कैदियों को रखा जा सकेगा। यह हाई सिक्योरिटी जेल पारंपरिक जेल व्यवस्था से अलग, अत्याधुनिक तकनीक और वैश्विक सुरक्षा मानकों पर आधारित होगा। इसका रेडियल-एक्सियल डिजाइन एक सेंट्रल कंट्रोल पॉइंट से प्रत्येक विंग की निगरानी सुनिश्चित करेगा, जबकि प्रत्येक कैदी के लिए अलग-अलग सेल की व्यवस्था होगी, जिससे किसी भी प्रकार के आपसी संपर्क, गैंग नेटवर्किंग या सुरक्षा जोखिम की संभावना न्यूनतम रहेगी।

इस जेल में एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, बॉडी-वॉर्न कैमरे, बायोमेट्रिक एक्सेस कंट्रोल, ऑटोमेटेड लॉकिंग सिस्टम, फुल बॉडी स्कैनर, एक्स-रे बैगेज स्कैनर, मोबाइल सिग्नल जैमर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, इन-हाउस कोर्ट कॉम्प्लेक्स, एंटी-टनलिंग तकनीक और अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रत्येक सेल में शौचालय एवं स्नानघर जैसी स्वतंत्र सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे कैदियों की अनावश्यक आवाजाही को रोका जा सकेगा। यह परियोजना सुरक्षा, निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और तकनीक आधारित जेल प्रबंधन का नया मानक स्थापित करेगी।

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