अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी मामले के बाद बड़े नेतृत्व परिवर्तन हुए हैं। ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। इस संकट के बीच ट्रस्ट ने पारदर्शिता बढ़ाने और व्यावसायिक प्रबंधन के लिए पहली बार CEO पद सृजित करने का फैसला किया है।
मुख्य घटनाक्रम
- चंपत राय का इस्तीफा: चंपत राय ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए महासचिव पद से इस्तीफा दिया। ट्रस्ट ने इसे स्वीकार कर लिया। उनकी जगह कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया है।
- अनिल मिश्रा का इस्तीफा: ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
- CEO पद का फैसला: ट्रस्ट की बैठक में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद बनाने का निर्णय लिया गया। तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो उपयुक्त नामों की सिफारिश करेगी। सूत्रों के अनुसार, नृपेंद्र मिश्रा (वरिष्ठ रिटायर्ड IAS अधिकारी) सहित कुछ नामों पर चर्चा चल रही है। यह पद मंदिर के दैनिक प्रबंधन, वित्तीय पारदर्शिता और बढ़ते श्रद्धालुओं की व्यवस्था के लिए होगा।
- बैठक और सुधार: हालिया बैठक में SIT रिपोर्ट, वित्तीय बयान और प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा हुई। ट्रस्ट ने दान की सुरक्षा और विश्वास बहाली का भरोसा दिया है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के नेतृत्व में ये बदलाव मंदिर के भविष्य को मजबूत बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। चढ़ावा चोरी की जांच चल रही है और ट्रस्ट ने कहा है कि दान और प्रशासन सुरक्षित हैं।












